ओमिक्रॉन वैरिएंट: भारत में अब तक कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कुल चार केस मिल चुके हैं। अब इन मामलों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। ज्यादातर लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के जो केस मिले हैं, क्या वे सभी विदेश से आए थे, उनमें क्या लक्षण मिले हैं और क्या उन्हें वैक्सीन की डोज लगी थीं?
भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट का पहला मामला कर्नाटक में मिला था। यहां दक्षिण अफ्रीका से आए एक 66 वर्षीय व्यक्ति कोरोना संक्रमित था। हालांकि, जब तक उसकी रिपोर्ट आती, वह एक प्राइवेट लैब से निगेटिव कोरोना रिपोर्ट हासिल कर देश छोड़ चुका था। स्वास्थ्य अधिकारी अब उसकी कोरोना रिपोर्ट की वैधता की जांच कर रहे हैं। अभी यह भी साफ नहीं है कि इस व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन लगी थीं या नहीं।
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का दूसरा मामला भी कर्नाटक से ही आया। यहां एक 46 वर्षीय डॉक्टर में ओमिक्रॉन स्वरूप पाया गया था। हालांकि, उनका विदेश जाने का कोई हालिया रिकॉर्ड नहीं है। 21 नवंबर को डॉक्टर ने अपना टेस्ट कराया था।
भारत में तीसरा केस शनिवार को सामने आया। गुजरात के जामनगर में एक 72 साल के व्यक्ति को ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाया गया। वे 28 नवंबर को जिम्बाब्वे से आए थे और उनकी 2 दिसंबर को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इस व्यक्ति को कोरोना की दोनों डोज लग चुकी थीं।
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का चौथा मामला भी शनिवार को ही मिला है। महाराष्ट्र के कल्याण में एक 33 साल के मरीन इंजीनियर को इस नए स्वरूप से संक्रमित पाया गया। बताया गया है कि यह शख्स अप्रैल से ही शिप पर था, इसलिए उसे कोरोना वैक्सीन नहीं लगी।