नियुक्ति: एक हफ्ते पहले अमेरिकी संसद ने भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर एरिक एम गार्सेटी के नामांकन को मंजूरी दी है। अब रूस ने एलान किया है कि वह भारत में अपने मौजूदा राजदूत निकोलाय कुदाशेव को बदलने जा रही है। इसी के साथ रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन की तरफ से आदेश जारी हुआ है कि अब भारत में राजदूत की जिम्मेदारी डेनिस एलिपोव संभालेंगे। एलिपोव इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय में एशियाई विभाग के उपनिदेशक रह चुके हैं। उन्हें भारत से जुड़े मामलों का बड़ा जानकार माना जाता है।
एलिपोव दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में पहले उपप्रमुख की भूमिका भी निभा चुके हैं। उधर भारत में अब तक रूस की ओर से राजदूत रहे निकोलाय कुदाशेव अब सिंगापुर के राजदूत नियुक्त किए गए हैं। गौरतलब है कि रूस की तरफ से यह फैसला राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने के एक महीने बाद ही हुआ है। दोनों ही देश मौजूदा समय में रक्षा और विज्ञान समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में जुटे हैं।
रूस की ओर से भारत में नए राजदूत की नियुक्ति का फैसला कूटनीतिक नजरिए से भी अहम है। दरअसल, बीते सालों में अमेरिका ने लगातार भारत से करीबी बढ़ाई है। अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन भी भारत से संबंधों को और मजबूती देना चाहते हैं। इसी सिलसिले में एक हफ्ते पहले अमेरिकी संसद ने भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर एरिक एम गार्सेटी के नामांकन को मंजूरी दी है। गार्सेटी पहले लॉस एंजेलिस के मेयर रह चुके हैं और उन्हें विदेश मामलों का बड़ा जानकार माना जाता है। नाम पर मुहर लगने के बाद वे भारत में राजदूत का पद संभालेंगे। एरिक एम. गार्सेटी कई बार भारत गए हैं।