शिवसेना सांसद का बयान: महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया था। बाद में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में पार्टी ने राज्य में सरकार बनाने के लिए राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को यूपी सरकार में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और भाजपा के कुछ और विधायकों के इस्तीफे को लेकर बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बदलाव अब तय है। राउत ने मंगलवार को कहा था कि शिवसेना उत्तर प्रदेश में 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले दो महीने में सात चरण में चुनाव होने वाले हैं।
गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए 14 फरवरी को चुनाव होने वाला है। राउत ने कहा कि राज्य के मतदाताओं को किसी लालच में नहीं आना चाहिए और इस तटीय प्रदेश में भाजपा के ऐसे किसी कदम का जवाब सिर्फ शिवसेना ही दे सकती है। उन्होंने कहा, हमारी लड़ाई भाजपा के पैसे की ताकत से है। शिवसेना आम आदमी की पार्टी है।
देवेंद्र फडणवीस के एक बयान पर राउत ने कहा कि प्रवीण जांते एवं माइकल लोबो जैसे नेताओं ने गोवा में फडणवीस की देखरेख में भगवा दल छोड़ दिया। फडणवीस ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि भाजपा गोवा में जनादेश को उस तरह नहीं जाने देगी, जैसा महाराष्ट्र में हुआ था।