इलाहाबाद हाई कोर्ट : सपा नेता आसिफ अली सिद्दीकी को नाबालिग से छेड़खानी के आरोप मे हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग को लेकर उसकी ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार एवं न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया है।
सपा नेता आसिफ अली ने थाना कैंट प्रयागराज में 21 दिसंबर 2021 को दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी थी। याची का तर्क था कि उसके खिलाफ एफआईआर दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता के खिलाफ 22 आपराधिक मुकदमें हैं। उसने याची से रकम ऐंठने के लिए उसे फर्जी मुकदमे में फंसाया है। याची ने शिकायतकर्ता के खिलाफ एक दिसंबर 2021 को मुंबई में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसीलिए उसके खिलाफ प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
याची एक राजनीतिक पार्टी से संबंध रखता है और लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। कोर्ट ने इस मामले में आसिफ सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और सरकारी वकील से मामले की जानकारी मांगी थी। सरकारी वकील ने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ सिर्फ छह आपराधिक मुकदमे शेष हैं। उसने याची के खिलाफ पहले कभी मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान से याची के खिलाफ प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।