Uttar Pradesh

यूपी: गोरखपुर एम्स की MBBS छात्रा ने लगाया अफसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, आरोपी अफसर का परिसर में प्रवेश पर लगी रोक

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस की एक छात्रा ने संस्थान के वरिष्ठ अफसर पर अपने कार्यालय कक्ष में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। घटना करीब 10 दिन पहले की है। पीड़िता छात्रा ने यह ई-मेल पांच दिन पहले एम्स प्रशासन को भेजा था। इसके बाद पहले मामले को सुलह समझौता से खत्म करने का प्रयास किया गया। चर्चा है कि आरोपी अफसर ने पीड़िता से माफी मांगने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।

चार दिन पहले जब छात्रा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, तब उसके घरवालों को जानकारी हुई और वे एम्स पहुंचे। कार्यकारी निदेशक ने मामले की जांच विशाखा कमेटी की सौंप दी है। उधर, एम्स प्रशासन ने जांच पूरी होने तक आरोपी अफसर के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। आरोपी अफसर भी कई दिन से दफ्तर नहीं आ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले एमबीबीएस की एक छात्रा हॉस्टल के कमरे के आवंटन के संदर्भ में वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर के कार्यालय पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान अफसर ने छात्रा के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। छात्रा वहां से भागकर हॉस्टल पहुंच गई। घटना के बाद से छात्रा सदमे में बताई जा रही है। वह तीन दिन तक कमरे में बंद रही। इस दौरान उसने अपने परिजनों को सूचित किया।

बताया जा रहा है कि छात्रा का चार दिन तक मानसिक रोग विभाग में इलाज भी हुआ है। उधर, मामले की जांच कर रही विशाखा कमेटी की रिपोर्ट शुक्रवार तक आने की उम्मीद है। इसके बाद कार्रवाई होगी। 

वहीं पीड़िता के परिजनों ने बेटी का दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है। इस बीच कार्यकारी निदेशक ने आश्वस्त किया है कि यह गंभीर व संवेदनशील मामला है। आरोपों की सत्यता परखी जा रही है। छात्रा से बात की गई है। उसे परिजनों के साथ रखा गया है। उनकी सुरक्षा में एम्स के कर्मचारी तैनात हैं। अगर घटना सही पाई गई तो दोषी अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पूरी सख्ती बरती जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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