कोरोना टीकाकरण: देशभर में कोरोना वायरस के संकट से निजात पाने के लिए टीकाकरण का अभियान जारी है l अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने संस्थान में टीकाकरण अभियान के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के संबंध में भारत विश्व गुरु की तरह उभर रहा है। एक ओर विश्व में विशेषज्ञ भारत के टीकाकरण अभियान पर सवाल खड़े कर रहे थे, तो दूसरी ओर हमारे देश ने असंभव दिखने वाले काम को पूरा किया।
हम कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इतने कम समय में दो बिलियन टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लेंगे। दुनिया में विशेषज्ञों का दावा था कि भारत में सभी लोगों के टीकाकरण में 25 साल तक लग जाएंगे, लेकिन भारत ने कुछ माह में ही यह कर लिया। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हो रहे टीकाकरण के पीछे हर स्वास्थ्य कर्मचारियों की मेहनत शामिल है।
कर्मियों द्वारा आगे बढ़कर किए गए इस काम की वजह से हम असंभव दिख रहे आंकड़े को पार कर गए, जो कि दुनियाभर के सलाहकारों के लिए एक मिसाल की तरह है। एक समय था जब भारत में बड़े स्तर पर वैक्सीन की खोज नहीं होती थी। यहां वैक्सीन का उत्पादन होता था, लेकिन खोज की दिशा में बड़े स्तर पर कोई काम नहीं हुआ, लेकिन कोरोना के बाद देश में कोविड वैक्सीन को लेकर बड़े स्तर पर खोज हुई और अब देश में कई स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में वैक्सीन हब बनकर उभर रहा है, जो कि देश के लिए शुभ संकेत हैं। आने वाले दिनों में हम अन्य बीमारी के लिए भी वैक्सीन बना सकेंगे, जिससे हमारी अन्य देशों पर निर्भरता खत्म होगी। कोरोना टीकाकरण को सफल बनाने में कोविन एप मददगार साबित हुआ है। आज विश्व में इस एप की मांग है। आम लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर चैन बनाई गई है।