सोनभद्र : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद जलाशय का जलस्तर तेजी से नीचे गिर रहा है l यहां से करीब 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने वाली परियोजनाओं को पानी उपलब्ध कराया जाता है l अप्रैल महीने में ही जलस्तर जून के बराबर पहुंच गया है l इससे लोगों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है l
कोयला संकट से जूझती तापीय परियोजनाओं के लिए अब पानी का संकट भी गहराने लगा है। करीब 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने वाली परियोजनाओं को पानी उपलब्ध कराने वाले रिहंद जलाशय का जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। ऐहतियात के तौर पर जल विद्युत परियोजनाओं को पहले ही बंद किया जा चुका है। अब जलस्तर को मेंटेन रखने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
मौजूदा समय में रिहंद बांध का जलस्तर 843.3 फीट तक आ चुका है। यह जलस्तर गत वर्ष अप्रैल के सापेक्ष तीन फीट से अधिक नीचे है। अप्रैल 2021 में रिहंद बांध का जलस्तर 846.9 फीट दर्ज किया गया था। बारिश शुरू होने तक जून में बांध का पानी 841.9 फीट तक पहुंच गया था। इस बार भीषण गर्मी के चलते अप्रैल में ही जलस्तर पिछले साल की जून के करीब तक पहुंच गया है।
तापमान में वृद्धि और परियोजनाओं में पानी की खपत बढ़ने के साथ जलस्तर में तेजी से आ रही कमी ने अब कोयला संकट से जूझती परियोजनाओं के लिए नई चिंता बढ़ा दी है। पानी का भंडार सुरक्षित रखने के लिए रिहंद पर आधारित जल विद्युत परियोजना को बंद रखा गया है मगर विशेष परिस्थिति में बिजली बनाने में इसकी मदद लेनी पड़ रही है। तब जलाशय का फाटक खोलकर भारी मात्रा में पानी निकालना पड़ रहा है। जलस्तर में आ रही गिरावट से रिहंद बांध से जुड़े अफसरों के माथे पर शिकन पड़ने लगी है।