यूपी चुनाव 2022: उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी से नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे। उत्तर प्रदेश में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है पार्टियों का एक-दूसरे पर हमला तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी ने आगरा में शुक्रवार को संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया।
भारतीय जनता पार्टी सरकार पर करारे प्रहार किए। जयंत ने जहां आलू किसानों के हितों की बात सामने रखी। वहीं अखिलेश यादव ने आगरा शहर को प्रेम और सौहर्द्र का शहर बताया। अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि ये बहुरंगी गठबंधन है, इस बार एकरंगी लोगों को हराएंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि नौकरी-रोजगार के लिए गए नौजवानों को सरकार ने अपमानित किया। अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार का चुनाव एक-एक यूथ अपने बूथ से ऐतिहासिक हार दिलाएगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री कंप्रेशर हैं जो गर्मी निकाल देंगे। इस बार गोरखपुर की जनता उत्तराखंड भेज देगी। समाजवादी पार्टी ने लोगों की मजदूरों और सभी की मदद की।
डबल इंजन की सरकार ने कारोबार ठप कर दिया। जितने भी बड़े काम है समाजवादी सरकार में शुरू हुए थे। पीने के पानी के गंगाजल प्रोजेक्ट को समाजवादी सरकार ने दिया। मेट्रो समाजवादी सरकार की देन है। सरकार सपा शासनकाल के कार्यों को अभी भी पूरा नहीं कर पा रही है।
आगरा ऐसा शहर है जिसमें पर्यटन बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने आलू नहीं खरीदा है। समाजवादी पार्टी सरकार बनने पर ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे किसान बर्बाद न हो और कोल्ड स्टोरेज भी चलें। चमड़ा कारोबार को पहले भी सहयोग दिया है और आगे भी करेंगे। आगरा को सीटें नहीं मिलीं लेकिन विकास कभी रोका नहीं। ताजमहल के आसपास काम जो शुरू हुआ था वो ठप है। यमुना नदी गंदी है। गंगा को साफ करने वाले यमुना साफ नहीं कर सके। नदी नाला बन गई है। सफाई नहीं कर सके। आगरा के लोग किसान, व्यापारी, नौजवान हर वर्ग के लोग मिलकर सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने का कार्य करेंगे।