लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सत्ता मे दोबारा आने के बाद एक के बाद एक नये फैसले ले रही हैं, इसी क्रम में अब सरकार ने नगर निगम वाले बड़े शहरों में 110 वार्डों की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 125 करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार नगर निगम अधिनियम 1959 में संशोधन करेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि सीमा विस्तार के कारण शहरों का दायरा बहुत बढ़ गया है। ऐसे में वार्डों की संख्या बढ़ाना ही एकमात्र उपाय बचा है
अध्यादेश लाने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इससे पहले प्रस्ताव को विधिक परीक्षण के लिए विधि विभाग को भेजा गया है। वहां से सहमति मिलने के बाद अध्यादेश लाया जाएगा। नगर विकास विभाग ने बीते तीन साल में 66 शहरी निकायों का सीमा विस्तार किया है।
अब नवंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं तो इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की गई है। परिसीमन में सबसे ज्यादा दिक्कत लखनऊ नगर निगम को लेकर है। यहां पर नगर निगम अधिनियम के मुताबिक 110 वार्डों की अधिकतम संख्या है। सीमा विस्तार में 88 गांव और शामिल हुए हैं। इस तरह से लखनऊ नगर निगम का दायरा 257 वर्ग किमी बढ़ गया है और 2011 की जनगणना के हिसाब से आबादी में 2.69 लाख का इजाफा हुआ है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक आबादी का यह आंकड़ा 7 लाख के पार है। ऐसे में यहां वार्डों की संख्या पर माथापच्ची हो रही है।
वार्डों की संख्या तो और भी जगह बढ़नी हैं, लेकिन वहां अधिकतम वार्ड की सीमा बढ़ाने की जरूरत न के बराबर है। कानपुर नगर निगम में भी वार्डों की संख्या बढ़ाने का विचार है। ऐसे में नगर निगम अधिनियम में वार्डों की अधिकतम संख्या को लेकर संशोधन जरूरी है। अभी की व्यवस्था में एक नगर निगम में अधिकतम 110 वार्ड ही बनाए जा सकते हैं।शहरी निकायों को आदेश दिए गए हैं कि वे 12 मई तक वार्डों का परिसीमन कर लें। अब तक कई शहरी निकायों में यह काम नहीं होने से माना जा रहा है कि अंतिम तारीख बढ़ेगी।