मिठौरा प्रभारी मणिकांत द्विवेदी की रिपोर्ट
सिन्दुरिया
महाराजगंज: केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने तथा उन्हें समाज में एक नयी पहचान दिलाने की मंशा ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह बनाकर उसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर उनको आज आत्मनिर्भर बना दिया है । जिससे वे आज स्वयं ही एकजुटता के दम पर तरह – तरह के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करके बाजार में बेच कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और समाज में उन्हें एक नई पहचान हासिल हो रही है ।
बताते चलें कि यह सब सरकार द्वारा चलाये जा रहे जीविकोपार्जन से जुड़े स्कीम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की देन है । जिसके तहत गाँवों में महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न प्रकार की रोजगार परक जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है ।
ऐसे में विकास खण्ड मिठौरा अन्तर्गत ग्राम पंचायत सिंदुरिया के टोला मंगलपुर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सैनिटाइजर, फिनायल, फ्लोर क्लीनर, टॉयलेट क्लीनर , हार्पिक, हैंडवाश आदि अपने घर पर ही बनाकर स्वतः रोजगार सृजन का कार्य कर रहीं है । इन उत्पादों की निर्माता हौसला प्रेरणा महिला संकुल समिति सिंदुरिया के रूप में पहचानी जा रही है । जिसमें समूह की महिलाओं द्वारा महाराज ब्राण्ड के बैनर तले उक्त उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं । जो तैयार होने के बाद मार्केट में उचित एवं सस्ते रेट पर सेल किये जा रहे हैं ।
यहाँ बता दें कि मंगलपुर की योगी स्वयं सहायता समूह की आरती देवी ने बताया कि यहाँ चार समूह की दस महिलाएं यह उक्त कार्य कर रही हैं । जिसमें उजाला स्वयं सहायता समूह , मुस्कान स्वयं सहायता समूह तथा योगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शामिल हैं । उन्होंने बताया कि हम लोग यहाँ करीब 6 माह से विभिन्न उत्पाद निर्धारित उचित दर पर तैयार कर रहे हैं ,जैसे हैंडवॉश 250 एमएल 60 रुपये में , फिनायल एक लीटर 50 रुपये में , हार्पिक 500 एमएल 70 रुपये में , फ्लोर क्लीनर 500 एमएल 70 रुपये में बेचा जा रहा है । इन सभी उत्पादों को तैयार करने हेतु सम्बंधित मटेरियल मध्य प्रदेश से मंगाया जाता है । इसमें कुल मिलाकर चार लाख से ज्यादा का खर्च आ रहा है । किन्तु इस कार्य से महिलाओं को काफी आत्मबल मिल रहा है ।
उन्होंने आगे बताया कि डिस्टिल वाटर एवं केमिकल को मिलाकर फिनायल बनता है । जबकि आरओ के पानी में एक प्रकार का रसायन मिलाकर फ्लोर क्लीनर, शौचालय क्लीनर, सैनिटाइजर, हैंडवाश आदि बनाया जा रहा है। इन उत्पादों को बनाने में आरती देवी, शारदा देवी, परमशीला, प्रियंका, सिताबी, बिंदु देवी, पुनीता, अमरावती, मंशा देवी, ज्ञानती देवी आदि महिलाएं अपने बेहतर कार्यशैली का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वतः रोजगार का सृजन कर रही हैं ।
इस सम्बन्ध में विकास खण्ड मिठौरा के एनआरएलएम विभाग के ब्लॉक मिशन मैनेजर प्रमोद कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों हेतु आवश्यक मटेरियल बाहर से आता है । ये सभी अपनी पूँजी लगाकर उत्पाद तैयार करके बाजार में बेंचती हैं । इससे इन्हें अच्छा खासा लाभ होता है । जिससे इनके जीवन में खुशहाली आ रही है और आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है ।