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एफसीआरए: विदेशों से चंदा प्राप्त करने वाले एनजीओ को मिली राहत, सरकार ने FCRA के तहत जारी लाइसेंस की वैधता की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ाई

एफसीआरए: देश भर में गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को उनके सामाजिक या धार्मिक कार्यो के आधार पर दान दिए जाते रहे हैं। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशों से चंदा प्राप्त करने वाले एनजीओ को बड़ी राहत दी है। एनजीओ के विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत जारी लाइसेंस की वैधता की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।

यह उन एनजीओ के लिए किया गया है जिनके आवेदन लंबित हैं या जिनके लाइसेंस की मियाद जल्द खत्म होने जा रही है। हालांकि सरकार ने अपनी अधिसूचना में स्पष्ट कर दिया है कि जिन संस्थाओं के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं, वे विदेशों से चंदा प्राप्त नहीं कर सकेंगी। विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए सभी एनजीओ को एफसीआरए कानून के तहत पंजीकृत कराना होगा। दिसंबर, 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार देश में 22,762 एफसीआरए पंजीकरण वाले संगठन हैं। सरकार ने पिछले पांच साल में कानून के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में करीब 1900 एनजीओ का एफसीआरए पंजीकरण रद्द किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसी संस्थाएं जिनके पंजीकरण प्रमाणपत्र की वैधता को 30 जून, 2022 तक बढ़ाया गया था या जिनके नवीनीकरण की अर्जी लंबित है उन्हें 30 सितंबर तक या उनकी नवीनीकरण अर्जी का निपटारा होने तक, जो भी पहले हो, बढ़ाया जाता है।

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