गगनयान मिशन : 2023 में प्रस्तावित देश के पहले मानव मिशन गगनयान को सकुशल पूरा करने के लिए रवाना होने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर रहते हुए ही अंतरिक्ष में जीने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे। उन्हें रवानगी की सावधानियां, अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के बिना रहना, वहां के विषम तापमान को सहना और वापसी में बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे।
2023 में प्रस्तावित पहले मानव मिशन के लिए चयनित चारों अंतरिक्ष यात्रियों की विशेष ट्रेनिंग 2022 की दूसरी छमाही में बेंगलुरु के एक विशेष कैंप में प्रशिक्षण शुरू होगा। इसरो के बेंगलुरु स्थित मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) के निदेशक डॉ. उन्नीकृष्णन नायर एस ने मनोरमा ईयर बुक 2022 में एक विशेष आलेख में इस खास प्रशिक्षण का जिक्र किया है। इसमें क्रू मॉडयूल के धरती पर उतरने के विकल्पों, अंतरिक्ष यात्रियों की बचाव प्रणाली और क्रू के जीवनरक्षक पैकेट के बारे में दिलचस्प जानकारी दी गई है।
अंतरिक्ष की विषम परिस्थितियों से खुद को बचाने के लिए चारों क्रू सदस्यों को बर्फ, पानी, पहाड़ और रेगिस्तान में विशेष जीवनरक्षक ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें दी गई जीवनरक्षक किट का इस्तेमाल भी सिखाया जाएगा।
इसरो ने गगनयान के चारों क्रू सदस्यों को गहरे समुद्र में 48 घंटे तक सुरक्षित रखने के लिए खास जीवनरक्षक किट तैयार की है। अंतरिक्ष में एक सप्ताह बिता गगनयान धरती पर लौटेगा। इसके लिए अरब सागर पहली प्राथमिकता है। वहां कोई मुश्किल हो तो दूसरे विकल्प के तौर पर बंगाल की खाड़ी में भी गगनयान उतर सकता है।