INS Kochi: रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अभ्यास किया। इस दौरान नौसेना को पहले से भी ज्यादा ताकतवर बनाने वाले स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर आइएनएस कोच्चि का भी परीक्षण किया गया। मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में रूसी नौसेना के साथ आइएनएस कोच्चि का अभ्यास किया। यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए युद्धपोत का परीक्षण किया है।
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास ने दोनों नौसेनाओं के बीच सामंजस्य को और मजबूत किया है। इसमें सामरिक युद्धाभ्यास, क्रॉस-डेक हेलिकॉप्टर संचालन और सीमैनशिप गतिविधियां शामिल हैं। दरअसल, बीते दिनों ही नौसेना के तीन जहाज दो दिवसीय सद्भावना यात्रा पर केरल के कोच्चि तट पर पहुंच गए थे। भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा था कि यात्रा के दौरान रूसी नौसेना और भारतीय नौसेना के बीच विभिन्न पेशेवर चर्चा की भी योजना है।
जाने आईएनएस कोच्चि की खासियत
1- यह मिसाइल विध्वंसक 164 मीटर लंबा और लगभग 17 मीटर चौड़ा है।
2– इसकी भार क्षमता भी 7500 टन है।
3– इस पोत में सामूहिक गैस तथा गैस (सीओजीएजी) प्रेरक प्रणाली है।
4– इसमें चार गैस टर्बाइन लगे हैं और यह तीस नाट से अधिक की गति प्राप्त कर सकता है।
5– पोत की विद्युत ऊर्जा चार गैस टर्बाइन जनरेटर और एक डीजल अल्टरनेटर से प्राप्त होती है।
6– यह दोनों सिस्टम 4.5 मेगावाट बिजली पैदा कर सकते हैं।
7– इसमें 40 अधिकारी और 350 नौसैनिक सवार हो सकते हैं।