यूपी चुनाव 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अब सक्रियता तेज कर दी है।पिछले दिनों सपा अध्यक्ष ने हरदोई में एलान किया था कि पत्रकारों सहित हर विधा के विशेषज्ञों को पार्टी मौका देगी। भदोही की जनसभा में भी उन्होंने खासतौर से शिक्षकों को मौका देने की बात कही थी। ऐसे में पार्टी के रणनीतिकारों ने इनकी अलग से सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी वकीलों के साथ डॉक्टर, इंजीनियर, पत्रकार, सेवानिवृत्त अधिकारी और शिक्षक को भी चुनाव मैदान में उतारेगी।
विभिन्न विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए आवेदन करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्र के उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की जाएगी। फिर उनकी सियासी हैसियत का आकलन किया जाएगा। वहीं, जातीय समीकरण में संबंधित क्षेत्र के अन्य उम्मीदवारों से अगर वे ज्यादा सशक्त मिले तो पार्टी उनके नाम पर विचार करेगी।
वर्तमान में सपा के 49 विधायक हैं। इन सीटों को छोड़कर अन्य सीटों पर आवेदन मांगे गए हैं। कुछ जगह विधायक होने के बावजूद पार्टी नेताओं ने आवेदन किया है। इसी तरह पार्टी में शामिल होने वाले कई नेताओं ने अगस्त व सितंबर में अध्यक्ष अखिलेश यादव से अनुमति लेकर आवेदन किया है। ऐसे मे करीब 83 सीटों पर 50 से अधिक आवेदक हैं। इसमें ज्यादातर पूर्वांचल की सीटें हैं। आवेदन करने वालों में डॉक्टर, इंजीनियर, पत्रकार सहित विभिन्न विधाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। ये सभी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
सपा इस चुनाव में कुछ नया प्रयोग करने की तैयारी में है। सपा के रणनीतिकारों का कहना है कि पार्टी डॉक्टर, इंजीनियर, पत्रकार, शिक्षकों सहित अन्य लोगों को मैदान में उतार कर नया संदेश देना चाहती है।