यूपी चुनाव 2022: इस साल पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव तय समय पर ही होंगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश में सियासी हलचलें तेज हो गई है। 403 विधानसभा सीट वाले इस प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक बयानबाजी से नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे। चुनावी वादों की भी बौछार होने लगी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनाव लड़ने की घोषणा करने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुनावी मैदान में उतरने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि हमने बड़े-बड़े चुनाव लड़े हैं। इस बार किस सीट पर चुनाव लडूंगा यह हमारे लोग और पार्टी तय करेगी। इसके पहले अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था पर माना जा रहा है कि योगी के एलान के बाद ही उन्होंने भी चुनाव लड़ने का मन बनाया है। वह अभी आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा हिंदुत्व की राजनीति करती है, लेकिन समाजवादी पार्टी हमेशा सर्व समाज को साथ लेकर चलती है। जिस भी समाज के साथ अहित हुआ, सपा उसके साथ खड़ी नजर आई है और भविष्य में भी समाज के विकास के लिए तत्पर रहेगी। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास और रोजगार का मॉडल दिया। लखनऊ में आईटी सिटी, कैंसर संस्थान बनाया, ताकि लोगों को रोजगार और इलाज के लिए चेन्नई, हैदराबाद ना जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर गरीबों के लिए 300 यूनिट घरेलू बिजली और सिंचाई मुफ्त देंगे। उन्होंने कहा कि बाबा को भी कोई कार्यक्रम करना होता है तो उसी स्टेडियम का इस्तेमाल करते हैं, जिसे समाजवादी सरकार ने बनवाया था। उन्हें खेल में रुचि नहीं है। वे न तो बॉलिंग कर सकते हैं और न ही बैटिंग।
इस दौरान विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा का स्वागत किया गया। किसी ने फरसा भेंट किया तो किसी ने गदा। मौके पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री मनोज पांडेय व अभिषेक मिश्रा, महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, शिवशंकर सिंह शंकरी, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत, डा. आशुतोष वर्मा, सौरभ सिंह, नवीन धवन बंटी, देवेंद्र सिंह जीतू, गौरव सिंह यादव, सोनू कन्नौजिया, मधुप सिंह यादव, अवनीश यादव, प्रियंका आदि मौजूद रहे।