अफगानिस्तान: अफगानिस्तान में आर्थिक संकट के चलते न तो रोजगार है और न ही कोई काम, ऊपर से तालिबान का खौफ अलग से है। ऐसे में देश छोड़कर जाने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। भीषण आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान में इस समय हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अमेरिका की ओर से सैन्य वापसी के एलान और तालिबान की वापसी ने स्थितियों को और जटिल किया है। विदेशी तो विदेशी अफगान नागरिक भी यहां से निकलना चाहते हैं।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का शिकार होना पड़ा है।अब अफगानिस्तान में सैकड़ों पूर्व फौजियों और अधिकारियों की हत्याओं के बाद तालिबान ने क्रूरता की हदें पार करते हुए अफगानिस्तान के सैनिकों और जनरलों की कब्रों को नष्ट करना शुरू कर दिया है।
गंधारा की रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 के दशक में तालिबान से जंग लड़ने वाले अफगान कमांडरों की याद में बने स्मारकों को आतंकी बर्बाद कर रहे हैं। हालांकि तालिबान ने इसकी जिम्मेदारी से इनकार किया है।