मजबूती: हाल के दिनों में पाकिस्तान और चीन की नौसेना ने अपनी क्षमताओं में इजाफा करने के साथ क्षेत्र में कई संयुक्त युद्धाभ्यास किए हैं। भारत ने इसी खतरे को भांपते हुए अरब सागर में निगरानी तेज करने का फैसला किया है। भारतीय नौसेना ने अरब सागर और आसपास बढ़ रही पाकिस्तान और चीन की नौसेना गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए पनडुब्बीरोधी और टोही विमान पी-81 की पश्चिमी समुद्र तट पर गोवा में तैनाती की है। आईएनएस हंसा पर इनकी तैनाती के बाद इलाके में भारत की टोही क्षमताओं में इजाफा होगा।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि दो बोइंग पी-81 विमान 30 दिसंबर 2021 को भारत पहुंचे थे। इन्होंने आईएनएस हंसा पर काम शुरू कर दिया। यहां तैनात करने से पहले इनमें स्वदेशी उपकरण लगाए गए और जरूरी परीक्षण किए गए। भारतीय नौसेना ने आठ पी-81 विमानों की पहली खेप 2013 में मंगाई थी, जो अराक्कोनम में आईएनएस राजाली पर तैनात है। नए एयरक्राफ्ट नौसेना की स्क्वाड्रन 316 में शामिल हुए हैं।
जैसा कि पी-8आई एयरक्राफ्ट अत्याधुनिक सेंसरों से लैस है। भारतीय नौसेना के पास पहले से ही 12 से ज्यादा पी-8आई विमान हैं, जिन्हें पहले ही हिंद महासागर में चीन के पोतों और पनडुब्बी पर निगरानी रखने के लिए तैनात किया गया है। बोइंग भारतीय नौसेना के पी-8आई बेड़े के पायलटों को प्रशिक्षण, स्पेयर पार्ट, फील्ड सेवा आदि में मदद करती है। पी-8आई में अतुलनीय समुद्री सैन्य परीक्षण और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता के अलावा इन्हें आपदा और मानवीय मिशनों में भी बखूबी इस्तेमाल किया गया है। नौसेना को इसी साल जुलाई में 10वां विमान मिला था। इसके बाद अक्तूबर में भारत को 11वां एयरक्राफ्ट सौंपा गया था।