वाराणसी: गुरुवार को उत्तर प्रदेश की विधानसभा में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया गया, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन के पटल पर बजट पेश करते हुए यूपी में धार्मिक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही l इसके साथ ही शिव की नगरी काशी का खास ख्याल रखा l
हर विधानसभा क्षेत्र में किसी एक पर्यटन स्थल के विकास के लिए शुरू की गई l सरकार ने बजट में काशी में पर्यटन विकास और सुंदरीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने पिछली बार भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इससे पंचक्रोशी परिक्रमा, पावन पथ गलियों का विकास किया गया था।
इस बार जो धनराशि प्रस्तावित की गई है, इसके लिए जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्ताव आएंगे। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि पर्यटकों को ध्यान में रखकर किसी भी राज्य सरकार की ओर से पहली बार यह पहल की गई है। दशाश्वमेध में टूरिस्ट प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर्यटक औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना होनी चाहिए। सारनाथ डियर पार्क में वन्यजीवों का प्रबंधन एवं पर्यटक सुविधाओं का विकास होगा। इसके अलावा कुल 3.77 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कौजलगी ने कहा कि वर्तमान में डियर पार्क, पर्यटकों की सुविधाओं और रखरखाव के लिए बजट दिया गया है।
नव्य, भव्य और दिव्य काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने के लिए सुलभ मार्ग प्रशस्त करने की रिवर फ्रंट योजना साकार होने की ओर अग्रसर हो गई है। कैबिनेट से मंजूर 26 सौ करोड़ की रिवर फ्रंट योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने बजट में 500 करोड़ रुपये आवंटित किया है। ऐसे में रामनगर से राजघाट के बीच फोरलेन के साथ ही गंगापार रेती पर पर्यटक सुविधाएं भी विकसित होंगी। सरकार ने बजट में गंगा और काशी विश्वनाथ के आसपास विकास के साथ सुविधाओं पर पूरा फोकस किया है।