India

मेरठ : मेरठ में साल 2022 में रैपिड रेल की सुरंग खोदने के लिए चीन से पहुंचेगी मशीन, साढ़े तीन वर्ष में पूरा होने का लक्ष्य

मेरठ : एनसीआरटीसी की ओर से पिछले छह महीने से टनल बोरिंग मशीन से काम कराया जा रहा है। ब्रह्मुपरी से बेगमपुल तक के चरण का कार्य एफकांस कंपनी को दिया गया है। इसमें बेगमपुल, भैसाली और मेरठ सेंट्रल तीन भूमिगत स्टेशन बनाए जाने हैं। इस चरण पर एनसीआरटीसी ने 1529 करोड़ रुपये का टेंडर एफकांस को दिया है। यह कार्य साढ़े तीन वर्ष में पूरा होने का लक्ष्य है।

मेरठ में साल 2022 में रैपिड रेल के लिए सुरंग खोदाई के लिए मशीन मेरठ पहुंच जाएगी। चीन से वाया समुद्र के रास्ते मेरठ तक तीन मशीनें पहुंचेंगी। चीन में टेराटेक कंपनी ने तीन मशीनों को बेगमपुल से ब्रह्मपुरी तक बनाई जाने वाली 7.12 किमी सुरंग के लिए तैयार किया है। इसके लिए टेराटेक कंपनी की फील्ड सर्विस टीम के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कंपनी की ओर से अर्थ प्रेशर बैलेंस टनल बोरिंग मशीन को तैयार कर सार्वजनिक कर दिया गया है।

तीन मशीनों को साइट पर ही तैयार किया जाएगा। कंपनी ने टेस्टिंग करने के बाद मशीनों की ओके रिपोर्ट तैयार कर दी है। टेराटेक कंपनी के अधिकारी भैसाली और बेगमपुल स्टेशन पर पहुंचकर पुर्जे जोड़ने में मदद कराएंगे। इससे पहले टेराटेक कंपनी दिल्ली मेट्रो का तीसरा चरण, लखनऊ मेट्रो, पुणे मेट्रो, कानपुर मेट्रो, अहमदाबाद मेट्रो, मुंबई मेट्रो के लिए टनल बोरिंग मशीन का डिजाइन पेश कर चुकी है।

चीन से आने वाली दो मशीनों को भैसाली स्टेशन से आवासीय सघन क्षेत्र में चलाया जाएगा। एक मशीन बेगमपुल से भैसाली की ओर चलाई जाएगी। इन मशीनों की सपोर्ट के लिए डी-वॉल बनाई जा रही है। सरियों का जाल बनाकर मिट्टी को चारों तरफ फिक्स करके बीच में टनल बोरिंग मशीनों को उतारा जाएगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Uncategorized

उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

To Top