कोयंबटूर : देश के जानमाने उद्योगपति आनंद महिंद्रा अपने वादों और सामाजिक कार्यों के कारण खासा चर्चा में रहते हैं। महिंद्रा ग्रुप के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने फिर से नेक पहल करते हुए कोयंबटूर की मशहूर इडली दादी को उनका नया ठिकाना तोहफे के रूप में दिया है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में मात्र एक रुपये में इडली बेचने वाली बुजुर्ग कमलाथल को महिंद्रा समूह ने नया घर दिया है। कमलाथल ‘इडली पति’ के रूप में मशहूर हुई हैं। महिंद्रा समूह द्वारा दिए गए नए घर के तोहफे से कमलाथाल बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नया घर मिल गया है। इस माह के अंत तक ही मैं उसमें शिफ्ट हो जाऊंगी। लोग प्यार से उन्हें इडली अम्मा, इडली पति, कमलाथल अम्मा जैसे नामों से भी पुकारते हैं।
कमलाथल 85 साल की हैं।पहले वह लकड़ी के चूल्हे पर इडली बनाती थीं। कुछ समय पूर्व उद्योगपति आनंद महिंद्रा की पहल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मदद से उन्हें मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन मिला था। वह पिछले 30 साल से लोगों की भूख शांत करने के लिए सस्ती इडली का यह अनोखा व्यापार कर रही हैं। वह रोजाना एक रुपये में इडली बेचती हैं। उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। शुरुआत में वह 25 पैसे में इडली बेचती थीं। चावल, उड़द दाल, नारियल की लागत बढ़ने से उन्होंने इडली की कीमत एक रुपये की।
तमिलनाडु के कोयंबटूर के वड़िवेलम्पलयम गांव में इडली पति की दुकान है। कमलाथल आज भी अपनी उम्र की दूसरी महिलाओं की तुलना में काफी स्वस्थ व मेहनती हैं। उनकी टीनशेड की दुकान के दरवाजे सुबह 6 बजे ही खुल जाते हैं। ग्राहक एक रुपये में इडली-सांभर और चटनी खाकर अपने काम धंधों पर निकल जाते हैं। अधिकतर ग्राहक रोज आते हैं।
इसकी शुरुआत 30 साल पहले हुई थी। उनका कहना है कि वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैंं सुबह-सुबह घर के सदस्य खेतों में पहुंच जाते थे और मैं अकेली पड़ जाती थी। तभी स्थानीय लोगों के लिए इडली बनाने का ख्याल आया। सुबह-सुबह काम पर पर जाने वाले मजदूरों के लिए इडली की छोटी सी दुकान शुरू की, ताकि इन्हें कम पैसे में ऐसा खाना मिले जो उन्हें सेहतमंद रखे।