India

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में नामजद मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत याचिका वापस, आवेदन में थीं खामियां

लखीमपुर खीरी मामला: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में नामजद मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से बीते शुक्रवार को बदली हुई धाराओं में जमानत अर्जी सीजेएम अदालत में पेश की गई थी। वहां जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने निर्दोष बताते हुए अब जिला जज की अदालत में दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की थी।

अब तिकुनियां कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत याचिका सोमवार को वापस ले ली गई। याचिका के आवेदन में खामियां होने के कारण आशीष के वकील ने याचिका वापस ले ली। आशीष मिश्र केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा है।

जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया है कि अर्जी में कुछ कमियां थीं जिसके बाद आशीष मिश्र के वकील ने जमानत अर्जी वापस ले ली है। अदालत में जमानत अर्जी देते हुए कहा था कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। धारा 307 और 326 के साथ ही शस्त्र अधिनियम की धारा 3/ 25/30 और 35 लगाई गई है, जो पूरी तरह नाजायज है। जिला जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता को नोटिस जारी करते हुए 20 दिसंबर की तिथि मुकर्रर की थी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Uncategorized

उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

To Top