महाराजगंज। जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर स्थित महिला अस्पताल में मरीजों की लाचारी और मजबूरी का फायदा उठाकर बिचौलियों (दलालों) एवं कुछ आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध वसूली और गुमराह करने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में 24 घंटे दलालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दूर-दराज से आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने और ज़िलाधिकारी (DM) कार्यालय के निकट होने के बावजूद प्रशासन द्वारा इन असामाजिक तत्वों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन दलालों और कुछ कथित आशा कार्यकर्ताओं में कानून का रत्ती भर भी डर नहीं है। उनका दावा है कि कोई भी अधिकारी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता और पकड़े जाने पर भी वे आसानी से छूट जाते हैं।
अस्पताल की इस लचर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी के कारण गरीब मरीज निजी पैथोलॉजी, मेडिकल स्टोरों और निजी अस्पतालों के हाथों लुटने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने शासन-प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) एवं जिलाधिकारी से मांग की है कि: सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कर दलालों और संदिग्ध कर्मियों को चिन्हित किया जाए। अस्पताल परिसर में पुलिस गार्ड/सुरक्षा बल की 24 घंटे तैनाती की जाए। मरीजों के शोषण में लिप्त पाई जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं और बिचौलियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि शीघ्र ही इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो क्षेत्र के नागरिक उग्र आंदोलन और उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराने को बाध्य होंगे।
