उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम कर रहे 1 लाख से भी ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। ‘उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ’ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15-18 सालों से गांवों से लेकर जिला अस्पतालों तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। कोरोना महामारी जैसी भयंकर आपदा के समय भी उन्होंने अपनी और अपने परिवार की परवाह किए बिना रात-दिन लोगों का इलाज किया, लेकिन इसके बावजूद वे आज भी अनिश्चितता के दौर में जीने को मजबूर हैं। संघ ने बताया कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे कई राज्यों में NHM कर्मियों के लिए बेहतर वेतन संरचना, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, तबादला नीति और सामाजिक सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में तो 10 साल या उससे अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करने की प्रक्रिया भी चल रही है। संघ ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं । पहली मांग यह कि पिछले 18 वर्षों से सेवा दे रहे सभी NHM संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग में पक्का किया जाए। दूसरी मांग यह कि जब तक पक्का करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक सभी संविदा कर्मियों के मानदेय में तुरंत बढ़ोतरी कर सम्मानजनक वेतन दिया जाए और समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए। साथ ही, जो पद स्वास्थ्य विभाग में सृजित नहीं हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द बनाया जाए।

