Uttar Pradesh

यूपी: यूपी में फिर चली तबादला एक्सप्रेस, 11 IAS अधिकारियों समेत 7 और पुलिस उपाधीक्षक के हुए तबादले

तबादला: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार प्रदेश में बड़े पैमाने पर अफसरों के ट्रांसफर कर रही है। इसी क्रम में शनिवार देर रात उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों समेत 7 और पुलिस उपाधीक्षको का तबादला कर दिया।

प्रतीक्षारत चल रहीं निधि श्रीवास्तव को बदायूं का डीएम बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की सीईओ दिव्या मित्तल को देवरिया का डीएम बनाया गया है।

सोनभद्र के डीएम चंद्र विजय सिंह को अयोध्या का डीएम बनाया गया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी को औरैया का डीएम बनाया गया है।

राज्यपाल के विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह को सोनभद्र का डीएम बनाया गया है।

अयोध्या के डीएम नितीश कुमार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, आगरा का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

बदायूं के डीएम मनोज कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज का सचिव बनाया गया है।

देवरिया के डीएम अखंड प्रताप सिंह को उनके स्थान पर ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में भेजा गया है।

औरैया की डीएम नेहा प्रकाश को निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ प्रथमेश कुमार को लखनऊ विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद प्रयागराज देवी शरण उपाध्याय को वेटिंग में रखा गया है।

यहां देखें 👇👇👇👇 पूरी सूची…..

सात और पुलिस उपाधीक्षक को भी बदला …..
शासन ने शनिवार देर शाम सात और पुलिस उपाधीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले हैं। डीजीपी मुख्यालय ने उनकी स्थानांतरण सूची जारी कर दी है।

1. रामकृष्ण चतुर्वेदी को मंडल अधिकारी बस्ती से पुलिस उपाधीक्षक कुंभ मेला प्रयागराज भेजा गया।

2. भ्रष्टाचार निवारण संगठन कानपुर में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक जयराम को मंडल अधिकारी बस्ती भेजा गया।

3. बस्ती के पुलिस उपाधीक्षक संदीप कुमार वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक कुंभ मेला प्रयागराज भेजा गया।

4. संत कबीर नगर के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह को पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ लखनऊ भेजा गया।

5. कासगंज के पुलिस उपाधीक्षक अजीत चौहान को पुलिस उपाधीक्षक संत कबीर नगर भेजा गया।

6. मंडलअधिकारी चित्रकूट राजकुमार पांडे को पुलिस उपाधीक्षक कासगंज भेजा गया।

7. प्रयागराज कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त संजय कुमार को पुलिस उपाधीक्षक एटीएस लखनऊ के पद पर भेजा गया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Uncategorized

महराजगंज के जेएनपीजी कॉलेज में एएसपी सिद्धार्थ ने किया ‘विद्यार्थी संवाद’, छात्रों को दिए करियर और सुरक्षा के टिप्समहराजगंज के जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने ‘विद्यार्थी संवाद’ कार्यक्रम के तहत छात्रों का मार्गदर्शन किया, जहां उन्होंने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, समय प्रबंधन और लक्ष्य हासिल करने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके सवालों के जवाब भी दिए और जीवन में अनुशासन तथा कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Uncategorized

उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

To Top