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BREAKING NEWS: यूपी में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, अस्थायी बिजली कनेक्शन में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा, आठ एई व 12 जेई को हटाया

यूपी: नोएडा व ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग विद्युत वितरण खंडों में निर्माण कार्यों के लिए जारी अस्थायी बिजली कनेक्शन में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ है। पावर कॉर्पोरेशन मुख्यालय से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर 23 इंजीनियरों को मौजूदा तैनाती स्थल से स्थानांतरित कर चार्जशीट थमाई गई है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद इनमें से कुछ की बर्खास्तगी भी हो सकती है। पश्चिमांचल निगम के एमडी से संबद्ध प्रभात कुमार सिंह को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा, विद्युत वितरण खंड प्रथम बुलंदशहर के शिव कुमार व विद्युत परीक्षण खंड शामली के संजय कुमार को पूर्वांचल विद्युत निगम वाराणसी भेजा गया है।

अस्थायी कनेक्शन में गड़बड़ी की जांच के लिए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति में कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता (नियोजन) विक्रम सिंह व पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के लेखाधिकारी सौरभ कुमार शामिल थे। समिति को 1 जुलाई 2019 से 30 जून 2021 तक नोएडा व ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्यों के लिए जारी अस्थायी कनेक्शनों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।

समिति ने अस्थायी कनेक्शन जारी करने की तिथि, उसकी अवधि, स्वीकृत भार, स्वीकृत कनेक्शन के बाद मीटर लगाने की तिथि, कनेक्शन की अवधि में अगर मीटर बदला गया तो उसका विवरण, अस्थायी कनेक्शन काटने की तिथि, कनेक्शन के बिल जारी करने व  उनके भुगतान का विवरण, अस्थायी कनेक्शन कटने के बाद परिसर में स्थायी कनेक्शन की तिथि व भार समेत अन्य बिंदुओं पर गहन जांच की। उसकी रिपोर्ट पर ही 23 अभियंताओं को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से हटाकर पूर्वांचल व अन्य विद्युत वितरण निगमों में भेजा गया।

8 सहायक अभियंता
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में चंद्रवीर, प्रेम शंकर शर्मा, संजुल कुमार, पंकज कुमार राठौर, नरेंद्र कुमार, होपेंद्र कुमार, अभिनय श्रीवास्तव व राजेश कुमार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। ‘सभी इंजीनियरों को चार्जशीट दी गई है और विभागीय कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय किया जाएगा।’
-एम. देवराज, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लि.

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