प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बीते 27 अक्तूबर को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में जूनियर डॉक्टरों द्वारा तीमारदारों की पिटाई के मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रकार की घटना दोबारा हुई तो आरोपी जूनियर डॉक्टरों की पढ़ाई बीच में ही निरस्त कर दी जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से दुर्व्यवहार और मारपीट किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। तीमारदार अपने मरीज को लेकर इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। ऐसे में उनके साथ मानवता दिखाते हुए अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
एसआरएन में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के समय में विभागाध्यक्ष और प्रॉक्टर पर छात्रों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं दिख रहा है। 27 अक्तूबर की घटना इस बात को पूरी तरह से साबित कर रही है।
उन्होंने एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को निर्देश दिया कि आगे से प्रॉक्टर और विभागाध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित की जाए। प्रॉक्टर और विभागाध्यक्ष कॉलेज परिसर में घूमकर जूनियर डॉक्टरों के कार्यों और व्यवहार का मूल्यांकन करें। आपको बता दें कि स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में मिर्जापुर से ऑपरेशन कराने आई महिला पुष्पा के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हुए मारपीट की घटना को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम गठित करके एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
